🌙 क़ुरान की 114 सूरहें: नाम, अर्थ, आयतें और नाज़िल स्थान
क़ुरान शरीफ़ इस्लाम का पवित्र ग्रंथ है, जिसे अल्लाह तआला ने हज़रत मुहम्मद (स.अ.व.) पर 23 वर्षों में वाही (ईश्दूत) के माध्यम से नाज़िल फ़रमाया। इसमें कुल 114 सूरहें (Chapters) हैं, जिनमें से कुछ मक्का में और कुछ मदीना में नाज़िल हुईं। क़ुरान की कुल आयतें (verses) लगभग 6,236 हैं, जिन्हें सात भागों में बाँटा गया है जिन्हें 7 मंज़िल (Manzil) कहते हैं — ताकि हफ़्ते के सातों दिन क़ुरान मुकम्मल किया जा सके।
इसके अतिरिक्त, क़ुरान को 30 पारे (Juz) में भी विभाजित किया गया है, जिससे पाठक सुविधानुसार इसे रोज़ पढ़ सकें। सूरहों में सबसे लंबी सूरह है अल-बक़रह (286 आयतें) और सबसे छोटी सूरह है अल-कौसर (सिर्फ 3 आयतें)।
हर सूरह का एक नाम होता है, जिसका गहरा अर्थ और पैग़ाम होता है। इस पोस्ट में दी गई तालिका में हर सूरह का हिंदी नाम, उसका अर्थ, कुल आयतों की संख्या, और यह सूरह मक्का या मदीना में नाज़िल हुई थी — यह सारी जानकारी क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत की गई है।
| सूरह नाम | अर्थ (हिंदी) | कुल आयतें | नाज़िल स्थान | |
|---|---|---|---|---|
| 0 | अल-फ़ातिहा | उद्घाटन | 7 | मक्का |
| 1 | अल-बक़रह | गाय | 286 | मदीना |
| 2 | आल-इ-इमरान | इमरान का परिवार | 200 | मदीना |
| 3 | अन-निसा | औरतें | 176 | मदीना |
| 4 | अल-माइदा | भोजन की मेज़ | 120 | मदीना |
| 5 | अल-अनआम | पशु | 165 | मक्का |
| 6 | अल-अराफ़ | ऊँचाई | 206 | मक्का |
| 7 | अल-अन्फाल | ग़नीमत का माल | 75 | मदीना |
| 8 | अत-तौबा | पश्चाताप | 129 | मदीना |
| 9 | यूनुस | हज़रत यूनुस | 109 | मक्का |
| 10 | हूद | हज़रत हूद | 123 | मक्का |
| 11 | यूसुफ़ | हज़रत यूसुफ़ | 111 | मक्का |
| 12 | रअद | गरज | 43 | मदीना |
| 13 | इब्राहीम | हज़रत इब्राहीम | 52 | मक्का |
| 14 | हिज्र | पत्थरवाले | 99 | मक्का |
| 15 | नहल | मधुमक्खी | 128 | मक्का |
| 16 | बनी इस्राईल | इस्राईल की औलाद | 111 | मक्का |
| 17 | अल-कह्फ़ | गुफा | 110 | मक्का |
| 18 | मरयम | हज़रत मरयम | 98 | मक्का |
| 19 | ता-हा | ता-हा (अक्षर) | 135 | मक्का |
| 20 | अल-अंबिया | पैग़म्बर | 112 | मक्का |
| 21 | हज | हज | 78 | मदीना |
| 22 | मुमिनून | ईमानवाले | 118 | मक्का |
| 23 | नूर | प्रकाश | 64 | मदीना |
| 24 | फ़ुरक़ान | भेद करनेवाला | 77 | मक्का |
| 25 | अश-शुअरा | कविगण | 227 | मक्का |
| 26 | नमल | चींटी | 93 | मक्का |
| 27 | क़सस | क़िस्से | 88 | मक्का |
| 28 | अन्कबूत | मकड़ी | 69 | मक्का |
| 29 | रूम | रोमवाले | 60 | मक्का |
| 30 | लुक़मान | हज़रत लुक़मान | 34 | मक्का |
| 31 | सज्दा | सिजदा | 30 | मक्का |
| 32 | अहज़ाब | संघ | 73 | मदीना |
| 33 | सबा | सबा क़ौम | 54 | मक्का |
| 34 | फ़ातिर | उत्पन्न करनेवाला | 45 | मक्का |
| 35 | या-सीन | या-सीन (अक्षर) | 83 | मक्का |
| 36 | साफ्फ़ात | पंक्तिबद्ध | 182 | मक्का |
| 37 | साद | साद (अक्षर) | 88 | मक्का |
| 38 | ज़ुमर | गुट | 75 | मक्का |
| 39 | ग़ाफ़िर | माफ़ करनेवाला | 85 | मक्का |
| 40 | फ़ुस्सिलत | विस्तारपूर्वक वर्णित | 54 | मक्का |
| 41 | शूरा | परामर्श | 53 | मक्का |
| 42 | ज़ुख़रुफ़ | सुनहरे आभूषण | 89 | मक्का |
| 43 | दुख़ान | धुआँ | 59 | मक्का |
| 44 | जासिया | घुटनों के बल | 37 | मक्का |
| 45 | अहकाफ़ | रेतीले मैदान | 35 | मक्का |
| 46 | मुहम्मद | हज़रत मुहम्मद | 38 | मदीना |
| 47 | फ़त्ह | विजय | 29 | मदीना |
| 48 | हुजुरात | कक्ष | 18 | मदीना |
| 49 | क़ाफ़ | क़ाफ़ (अक्षर) | 45 | मक्का |
| 50 | धारियात | उड़ानेवाली | 60 | मक्का |
| 51 | तूर | तूर पर्वत | 49 | मक्का |
| 52 | नज्म | तारा | 62 | मक्का |
| 53 | क़मर | चाँद | 55 | मक्का |
| 54 | रहमान | सबसे मेहरबान | 78 | मदीना |
| 55 | वाक़िया | घटना | 96 | मक्का |
| 56 | हदीद | लोहा | 29 | मदीना |
| 57 | मुजादिला | वादविवाद करनेवाली | 22 | मदीना |
| 58 | हश्र | एकत्र करना | 24 | मदीना |
| 59 | मुम्तहना | जाँची गई | 13 | मदीना |
| 60 | सफ़्फ़ | पंक्तिबद्ध | 14 | मदीना |
| 61 | जुमुअह | जुमा | 11 | मदीना |
| 62 | मुनाफिक़ून | मुनाफिक़ | 11 | मदीना |
| 63 | तग़ाबुन | घाटा व लाभ | 18 | मदीना |
| 64 | तलाक़ | तलाक़ | 12 | मदीना |
| 65 | तहरीम | वर्जित करना | 12 | मदीना |
| 66 | मुल्क | सत्ता | 30 | मक्का |
| 67 | क़लम | कलम | 52 | मक्का |
| 68 | हाक़्क़ा | अवश्य घटनेवाला | 52 | मक्का |
| 69 | मआरिज | चढ़ाई के स्थान | 44 | मक्का |
| 70 | नूह | हज़रत नूह | 28 | मक्का |
| 71 | जिन्न | जिन्न | 28 | मक्का |
| 72 | मुज़म्मिल | कम्बल ओढ़नेवाला | 20 | मक्का |
| 73 | मुद्दस्सिर | चादर ओढ़नेवाला | 56 | मक्का |
| 74 | क़ियामह | क़ियामत | 40 | मक्का |
| 75 | इंसान | मनुष्य | 31 | मदीना |
| 76 | मुर्सलात | पैग़ाम लानेवाले | 50 | मक्का |
| 77 | नबअ | समाचार | 40 | मक्का |
| 78 | नाज़िआत | खींचनेवाले | 46 | मक्का |
| 79 | अबस | त्योरियाँ चढ़ाई | 42 | मक्का |
| 80 | तकवीर | सूर्य का लपेटा जाना | 29 | मक्का |
| 81 | इनफितार | फटना | 19 | मक्का |
| 82 | मुत्तफ़िफ़ीन | घटतोल करनेवाले | 36 | मक्का |
| 83 | इंशिक़ाक | फटना | 25 | मक्का |
| 84 | बुरूज | नक्षत्र | 22 | मक्का |
| 85 | तारिक़ | रात का आगंतुक | 17 | मक्का |
| 86 | अअला | सबसे ऊँचा | 19 | मक्का |
| 87 | ग़ाशिया | ढँक लेनेवाली | 26 | मक्का |
| 88 | फ़ज्र | सुब्ह | 30 | मक्का |
| 89 | बलद | शहर | 20 | मक्का |
| 90 | शम्स | सूरज | 15 | मक्का |
| 91 | लैल | रात | 21 | मक्का |
| 92 | ज़ुहा | प्रातःकाल | 11 | मक्का |
| 93 | इंशिरा | दिल को खोलना | 8 | मक्का |
| 94 | तीन | अंजीर | 8 | मक्का |
| 95 | अलक़ | जमावट | 19 | मक्का |
| 96 | क़द्र | सम्मान की रात | 5 | मक्का |
| 97 | बैयिना | स्पष्ट प्रमाण | 8 | मदीना |
| 98 | ज़लज़ला | भूकंप | 8 | मदीना |
| 99 | आदियात | दौड़नेवाले | 11 | मक्का |
| 100 | क़ारिआ | धड़कानेवाली | 11 | मक्का |
| 101 | तकासुर | धन का घमंड | 8 | मक्का |
| 102 | अस्र | संध्या | 3 | मक्का |
| 103 | हुमज़ा | निंदा करनेवाला | 9 | मक्का |
| 104 | फ़ील | हाथी | 5 | मक्का |
| 105 | कुरैश | कुरैश क़बीला | 4 | मक्का |
| 106 | मऊन | सामान्य सहायता | 7 | मक्का |
| 107 | कौसर | प्रचुरता | 3 | मक्का |
| 108 | काफ़िरून | इनकार करनेवाले | 6 | मक्का |
| 109 | नस्र | मदद | 3 | मदीना |
| 110 | लहब | जलती हुई लपट | 5 | मक्का |
| 111 | इख़लास | निष्ठा | 4 | मक्का |
| 112 | फलक़ | सुभह | 5 | मक्का |
| 113 | नास | लोग | 6 | मक्का |
क़ुरान शरीफ़ इस्लाम का सबसे पवित्र ग्रंथ है, जिसमें कुल 114 सूरहें, लगभग 6,236 आयतें, 30 पारे (Juz) और 7 मंज़िलें (Manzil) होती हैं। यह ग्रंथ 23 वर्षों में हज़रत मुहम्मद (स.अ.व.) पर नाज़िल हुआ। क़ुरान की सूरहें मक्का और मदीना दोनों स्थानों पर नाज़िल हुईं — मक्की सूरहें आमतौर पर ईमान, तौहीद और सब्र पर केन्द्रित होती हैं, जबकि मदनी सूरहें सामाजिक नियम, शरीयत और मुस्लिम समुदाय के कायदे-कानूनों से जुड़ी होती हैं।
हर सूरह का एक विशेष नाम होता है जिसका हिंदी अर्थ होता है, और उसका एक विशेष सन्देश भी होता है। सबसे लंबी सूरह है अल-बक़रह (286 आयतें) और सबसे छोटी है अल-कौसर (3 आयतें)। यह तालिका पाठकों को कुरान की समग्र रचना को समझने और याद रखने में मदद करती है।

