Category Archives: सवाल और जवाब

क़ुरआन और हदीस में बार-बार 70 और 70,000 का ज़िक्र क्यों आता है? 35, 65 या दूसरे नंबर क्यों नहीं?

Quran why not

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ अगर आप क़ुरआन और हदीस को ध्यान से पढ़ते हैं, तो एक सवाल स्वाभाविक रूप से सामने आता है— क्यों कुछ गिने-चुने नंबर बार-बार आते हैं? ख़ास तौर पर 7, 70, 700 और 70,000, जबकि 35, 65, 82 या 91 जैसे नंबर लगभग कहीं नज़र नहीं आते। आज का आधुनिक पाठक, […]

ग़ैर-मुस्लिमों के मस्जिद-अल-हराम में प्रवेश पर प्रतिबंध: एक दोस्ताना और तार्किक संवाद

Kabah Photo

प्रिय मित्र, सबसे पहले, इस महत्वपूर्ण और विचारशील सवाल के लिए धन्यवाद: “इस्लाम ग़ैर-मुस्लिमों को मस्जिद अल-हराम में प्रवेश की अनुमति क्यों नहीं देता? क्या यह भेदभाव नहीं है, जबकि मुसलमान चर्चों, यहूदी सभाओं और हिंदू मंदिरों में जा सकते हैं?” आपका सवाल एक तार्किक सोच को दर्शाता है, और यह विषय ऐसा है जिस […]

गैर-मुस्लिमों के 20 आम सवाल — जिनका हर मुसलमान को जवाब देना आना चाहिए

20 Question's answer every Muslim should know

आज के दौर में जब आपसी संवाद, आलोचना और शक बढ़ रहे हैं, मुसलमानों को अक्सर ऐसे सवालों का सामना करना पड़ता है जो उनके ईमान की बुनियाद पर सवाल खड़े करते हैं। ये सवाल ज़रूरी हैं, ताकि हम सिर्फ अपने धर्म का बचाव न करें — बल्कि इल्म, समझदारी और अदब के साथ सही […]

Q 1: क्या ये कायनात ख़ुद बनी — या फिर किसी ने इसे पैदा किया?

Creation of Universe

आजकल लोग अक़्सर सवाल करते हैं: “अगर बिग बैंग (Big Bang) से पूरी कायनात बनी और सब कुछ साइंस से समझाया जा सकता है — तो फिर अल्लाह पर यक़ीन करने की क्या ज़रूरत है?” यह सवाल जायज़ है — लेकिन इसका जवाब सिर्फ साइंस से नहीं, बल्कि सोच, फलसफ़ा और क़ुरआन की बातों से […]