16–17 फ़रवरी: रमज़ान क़रीब आ रहा है इंशा’अल्लाह – उसके स्वागत के लिए अपने दिल को तैयार करें

Ramadan Reaching

जैसे-जैसे मुबारक दिन नज़दीक आते जा रहे हैं, दिलों में एक खास रूहानी कैफ़ियत पैदा होने लगती है। रमज़ान क़रीब आ रहा है इंशा’अल्लाह, और 16 फ़रवरी हमें याद दिलाता है कि अल्लाह का सबसे बरकतों वाला महीना हमारे दरवाज़े पर दस्तक देने वाला है। यह सिर्फ भूख और प्यास का नाम नहीं, बल्कि रहमत, मग़फ़िरत, जहन्नम से निजात और रूहानी तरक़्क़ी का मौसम है।

सवाल यह है: क्या हम सच में रमज़ान के इस्तक़बाल के लिए तैयार हैं?
जिस तरह हम किसी अज़ीज़ मेहमान की आमद से पहले घर सजाते हैं, उसी तरह रमज़ान के लिए हमें अपने दिल, अमल और नियत को तैयार करना होगा।


Table of Contents

🌙 रमज़ान की बरकतें और फ़ज़ीलतें

रमज़ान उम्मत-ए-मुहम्मदी ﷺ के लिए अल्लाह का खास तोहफ़ा है। इस महीने में रहमत के दरवाज़े खोल दिए जाते हैं और नेकियों का सवाब कई गुना बढ़ा दिया जाता है।


1. क़ुरआन का महीना

अल्लाह तआला फ़रमाता है:

“रमज़ान का महीना वह है जिसमें क़ुरआन नाज़िल किया गया, जो लोगों के लिए हिदायत है और रहनुमाई की वाज़ेह दलीलें रखता है।”
(सूरह अल-बक़रह 2:185)

यह महीना क़ुरआन से अपना रिश्ता मज़बूत करने का बेहतरीन वक़्त है—तिलावत, तरजुमा और तदब्बुर के साथ।


2. नेकियों का कई गुना सवाब

  • नफ़्ल = फ़र्ज़ के बराबर

  • फ़र्ज़ = 70 गुना या उससे ज़्यादा सवाब

यह साल का सबसे कीमती मौक़ा है।


3. गुनाहों की माफ़ी

नबी करीम ﷺ ने फ़रमाया:

“जो शख़्स ईमान और सवाब की नीयत से रमज़ान के रोज़े रखे, उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं।”
(बुख़ारी, मुस्लिम)

यानी पूरी ज़िंदगी का रूहानी रीसेट।


4. जहन्नम से निजात

हर रोज़ा जहन्नम की आग से ढाल बनता है। हर दिन इफ़्तार के वक़्त लोग जहन्नम से आज़ाद किए जाते हैं।


5. लैलतुल क़द्र

रमज़ान में एक रात ऐसी है जो हज़ार महीनों से बेहतर है—83 साल से भी ज़्यादा इबादत का सवाब।


📖 क़ुरआन की रोशनी में रोज़ा

अल्लाह फ़रमाता है:

“ऐ ईमान वालो! तुम पर रोज़े फ़र्ज़ किए गए जैसे तुमसे पहले लोगों पर किए गए थे ताकि तुम परहेज़गार बनो।”
(सूरह अल-बक़रह 2:183)

रमज़ान का असल मक़सद तक़वा पैदा करना है।

यह हमें सिखाता है:

  • सब्र

  • नफ़्स पर क़ाबू

  • शुक्र

  • ग़रीबों का एहसास

  • दुनिया से बे-रग़्बती


🕋 हदीस की रोशनी में रमज़ान

जन्नत के दरवाज़े खुल जाते हैं

नबी ﷺ ने फ़रमाया:

“जब रमज़ान आता है तो जन्नत के दरवाज़े खोल दिए जाते हैं, जहन्नम के दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं और शैतानों को क़ैद कर दिया जाता है।”
(बुख़ारी)


रोज़ेदार के मुँह की खुशबू

“रोज़ेदार के मुँह की बू अल्लाह के नज़दीक कस्तूरी से ज़्यादा पसंदीदा है।”
(मुस्लिम)


इफ़्तार की दुआ

“रोज़ेदार की दुआ इफ़्तार के वक़्त रद्द नहीं की जाती।”
(तिर्मिज़ी)


🕌 सहाबा किराम (रज़ि.) रमज़ान की तैयारी कैसे करते थे?

सहाबा-ए-किराम रमज़ान की क़द्र सबसे ज़्यादा जानते थे। उनकी तैयारी महीनों पहले शुरू हो जाती थी।


1. छः महीने पहले दुआ

वे दुआ करते:

“ऐ अल्लाह! हमें रमज़ान तक पहुँचा दे।”

और बाद के छः महीने क़ुबूलियत की दुआ करते।


2. क़ुरआन की कसरत

रमज़ान में वे दुनिया के काम कम कर देते और क़ुरआन में मशगूल हो जाते। कई-कई ख़त्म करते।


3. शाबान में रोज़े

नबी ﷺ की सुन्नत पर अमल करते हुए शाबान में कसरत से रोज़े रखते।


4. सदक़ा व ख़ैरात

रमज़ान से पहले ही ग़रीबों की मदद शुरू कर देते।


5. दिलों की सफ़ाई

रिश्ते ठीक करते, माफ़ करते, दिल साफ़ करते।


🌟 हम रमज़ान की तैयारी कैसे करें?


1. दिल की तैयारी

  • सच्ची तौबा

  • नफ़रत खत्म

  • लोगों को माफ़ करना


2. नमाज़ की पाबंदी

  • पाँचों वक़्त

  • सुन्नतें

  • तरावीह की नीयत


3. क़ुरआन से रिश्ता

  • रोज़ तिलावत

  • तरजुमा

  • तफ़सीर


4. रोज़े की प्रैक्टिस

  • सोमवार, गुरुवार

  • अय्याम-ए-बीज़


5. ज़बान और नज़र की हिफ़ाज़त

बचें:

  • ग़ीबत

  • झूठ

  • फ़ुज़ूल मीडिया

  • गुनाह वाले कंटेंट


6. रमज़ान प्लान बनाएँ

  • ख़त्म-ए-क़ुरआन लक्ष्य

  • सदक़ा प्लान

  • दुआ लिस्ट

  • लैलतुल क़द्र इबादत


🕯️ रमज़ान प्री-चेकलिस्ट

✔ तौबा
✔ नमाज़ सुधार
✔ क़ुरआन लक्ष्य
✔ सदक़ा
✔ दिल साफ़
✔ सोशल मीडिया कम
✔ दुआएँ याद


🌙 एक फ़िक्रअंगेज़ हक़ीक़त

पिछला रमज़ान हमने अपनों के साथ बिताया…
आज उनमें से बहुत लोग क़ब्रों में हैं।

हमें नहीं मालूम:

क्या हम अगला रमज़ान पाएँगे?

अगर अल्लाह पहुँचा दे—यह उसकी खास रहमत है।


🤲 आख़िरी दुआ

“ऐ अल्लाह! हमें रजब और शाबान में बरकत दे और हमें रमज़ान तक पहुँचा दे।”

और जब रमज़ान आए:

“ऐ अल्लाह! हमें रोज़ा, क़ियाम, तिलावत की तौफ़ीक़ दे और क़ुबूल फ़रमा।”


📌 ख़ुलासा

16 फ़रवरी हमें जगाने आया है:

रमज़ान क़रीब है इंशा’अल्लाह।

उसका इस्तक़बाल करें:

  • तौबा से

  • क़ुरआन से

  • नमाज़ से

  • सदक़ा से

  • इख़लास से

अगर दिल तैयार हुआ—रमज़ान ज़िंदगी बदल देगा।

अल्लाह हमें रमज़ान तक पहुँचाए, उससे फ़ायदा उठाने की तौफ़ीक़ दे और मग़फ़िरत अता फ़रमाए। आमीन। 🌙

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