कुरान - 2:157 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

أُوْلَـٰٓئِكَ عَلَيۡهِمۡ صَلَوَٰتٞ مِّن رَّبِّهِمۡ وَرَحۡمَةٞۖ وَأُوْلَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلۡمُهۡتَدُونَ

अनुवाद -

157.वे वही लोग हैं जिन पर उनके रब की तरफ़ से बरकतें और रहमतें [330] हैं, और वही सही रास्ते पर चलने वाले हैं।

सूरह अल-बक़रा आयत 157 तफ़सीर


[330] सब्र करने वालों के लिए इनाम

  • ऐसे सब्र करने वाले लोगों पर अल्लाह ख़ास और आम दोनों तरह की बरकतें और फ़ज़ीलतें नाज़िल करता है।
  • सब्र का फल हमेशा मीठा होता है, क्योंकि जो लोग ईमान और सहनशीलता के साथ तकलीफ़ें सहते हैं, अल्लाह उनकी रहमत और हिदायत से उन्हें नवाज़ता है।
  • बरकतें और रहमतें: अल्लाह की बरकतें दो तरह की होती हैं — एक ख़ास बरकतें जो सब्र करने वालों के लिए होती हैं, और दूसरी आम बरकतें जो पूरे क़ायनात में फैलती हैं।
  • सही हिदायत: जो लोग मुश्किलों में सब्र करते हैं, उन्हें अल्लाह सही रास्ता दिखाता है ताकि वे ज़िंदगी की मुश्किलों के बावजूद सही राह पर टिके रहें।

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