"165. और लोगों में कुछ ऐसे भी हैं जो अल्लाह के सिवा दूसरों को खुदा मान लेते हैं [350]। वे उन्हें उसी तरह प्यार करते हैं जैसे अल्लाह से मोहब्बत की जाती है। और जो ईमान लाते हैं, वे अल्लाह से सबसे ज़्यादा मोहब्बत करते हैं [351]। और जब ज़ालिमों को अल्लाह का सजा अपनी आंखों के सामने दिखेगा, तो वे जान लेंगें कि सारी ताक़त अल्लाह ही के पास है। और निश्चय ही, अल्लाह सख़्त सज़ा देने वाला है।" [
ग़लत खुदाओं की पूजा
अल्लाह से असली मोहब्बत
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सूरह अल-बक़रा आयत 165 तफ़सीर