कुरान - 2:210 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

هَلۡ يَنظُرُونَ إِلَّآ أَن يَأۡتِيَهُمُ ٱللَّهُ فِي ظُلَلٖ مِّنَ ٱلۡغَمَامِ وَٱلۡمَلَـٰٓئِكَةُ وَقُضِيَ ٱلۡأَمۡرُۚ وَإِلَى ٱللَّهِ تُرۡجَعُ ٱلۡأُمُورُ

अनुवाद -

210."तो वे किस बात का इंतज़ार कर रहे हैं, सिवाय इसके कि अल्लाह का (अज़ाब) बादलों की चादरों के साथ उन पर आए, और फ़रिश्ते भी उतर आएं। तब मामला फ़ैसला हो जाएगा। और सारी बातें अल्लाह की तरफ़ लौटती हैं।" [486]

सूरह अल-बक़रा आयत 210 तफ़सीर


[486] अल्लाह के 'आने' का मतलब

  • यहाँ अल्लाह के आने का मतलब फिज़िकल या मटेरियल रूप में अल्लाह का आना नहीं है, क्योंकि अल्लाह किसी जगह या समय से बंधा नहीं है।
  • इसका मतलब है अल्लाह का अज़ाब (सज़ा) या रहमत (महरबानी) का आना।
  • इस आयत में 'आना' से मतलब है कि अल्लाह की सज़ा बादलों के काले बादल जैसा छा कर आएगी और फ़रिश्ते भी उस समय उतार दिए जाएँगे।
  • इस तरह से अल्लाह का हिसाब-किताब तय हो जाएगा और कोई भी बात छिपी नहीं रहेगी।
  • आख़िरकार, सारी बातें और फैसले अल्लाह ही के पास लौटते हैं।

नतीजा (सबक़):
👉 जो लोग बुरी नतीजे से बचना चाहते हैं, उन्हें अब अल्लाह की हिदायतों पर ध्यान देना चाहिए।
👉 अल्लाह का अज़ाब निश्चित है और वह किसी को भी माफ़ी देने या सज़ा देने में बुद्धिमान है।
👉 हर काम का अंत और हिसाब अल्लाह के पास ही होता है।

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