254. "हे ईमानदारों! [648] तुम उस चीज़ में से खर्च करो जो हमने तुम्हें दी है, उससे पहले कि वह दिन आए जब कोई मोल-भाव [649], न दोस्ती [650], और न शफाअत [651] काम आएगी। और निःसंदेह काफ़िर लोग ज़ालिम हैं
[648] ईमानदारों के लिए उपदेश
[649] अल्लाह ने जो दिया है उसमें से खर्च करो
[650] उस दिन कोई मदद नहीं मिलेगी
[651] काफ़िर लोग ज़ालिम हैं
इस आयत से यह सीखने को मिलता है कि अल्लाह ने हमें जो भी दिया है — चाहे वह धन, समय, ज्ञान या अन्य कोई नेमत हो — उसे हमें अल्लाह के रास्ते में खर्च करना चाहिए। हमे यह नहीं भूलना चाहिए कि क़यामत के दिन कोई भी मोल-भाव, दोस्ती या शफाअत काम नहीं आएगी, और जो लोग अल्लाह का इनकार करते हैं, वे ज़ालिम हैं। हमें अपनी हर नेमत को सही दिशा में उपयोग करना चाहिए ताकि हम अल्लाह की कृपा के पात्र बन सकें।
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सूरह अल-बक़रा आयत 254 तफ़सीर