कुरान - 2:81 सूरह अल-बक़रा अनुवाद, लिप्यंतरण और तफसीर (तफ्सीर).

بَلَىٰۚ مَن كَسَبَ سَيِّئَةٗ وَأَحَٰطَتۡ بِهِۦ خَطِيٓـَٔتُهُۥ فَأُوْلَـٰٓئِكَ أَصۡحَٰبُ ٱلنَّارِۖ هُمۡ فِيهَا خَٰلِدُونَ

अनुवाद -

[81] हाँ, जो कोई गुनाह करता है और उसका गुनाह उसे घेर लेता है, तो वही लोग आग वाले हैं [146], वे उसी में हमेशा रहेंगे [147]।

सूरह अल-बक़रा आयत 81 तफ़सीर


[146]

गुनाह की बुनियाद पर सज़ा, नस्ल पर नहीं:
इस आयत से साफ़ होता है कि कोई व्यक्ति अपने वंश या नस्ल की वजह से जहन्नम में नहीं जाएगा, बल्कि उसके गुनाह की वजह से जाएगा। जो लोग गुनाहों में पूरी तरह घिर जाते हैं, वही जहन्नम के हक़दार होते हैं।

[147]

मोमिन और काफ़िर के गुनाह में फ़र्क़:
अगर कोई मोमिन गुनाह करता है, तो उसे हमेशा के लिए जहन्नम में नहीं रखा जाएगा, क्योंकि उसके दिल में ईमान होता है। मगर जो व्यक्ति पूरी तरह गुनाह और ग़लत अकीदे में डूबा हुआ है, वही हमेशा की सज़ा का पात्र होता है।

Sign up for Newsletter

×

📱 Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now