"और अगर वह लोग तौरेत [198] और इंजील को और जो कुछ उनके रब की तरफ़ से उनकी तरफ़ नाज़िल किया गया है, उसको क़ायम रखते, तो यक़ीनन वो अपने ऊपर से और अपने पांवों के नीचे से रिज़्क़ खाते [199]। उनमें एक मध्यम मार्ग पर चलने वाली जमाअत भी है, मगर उनमें से अक्सर लोग बुरे काम कर रहे हैं [200]।"
For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.
सूरह अल-मायदा आयत 66 तफ़सीर