ऐ किताब वालो! अपने दीन में नाहक़ हद से न बढ़ो [225], और उन लोगों की ख्वाहिशों के पीछे न चलो जो पहले ही गुमराह हो चुके हैं, और कई लोगों को गुमराह कर चुके हैं, और ख़ुद भी सीधी राह से भटक गए हैं [226]।
इस हुक्म का संबंध किताब वालों से है — उन्हें आगाह किया गया है कि वे अपने अक़ीदे और अमल में हद से आगे न जाएँ।
ऐसे लोगों की ख्वाहिशों के पीछे न चलो जिन्होंने न सिर्फ ख़ुद राह खोई, बल्कि दूसरों को भी गुमराह किया, और सीधे रास्ते से भटक गए।
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सूरह अल-मायदा आयत 77 तफ़सीर