إِنَّآ أَعۡطَيۡنَٰكَ ٱلۡكَوۡثَرَ

Surah Ayat 1 Tafsir


सूरह अल-कौसर के नाज़िल होने का कारण
(Reason for the Revelation of Surah Al-Kauthar)
यह सूरह नबी करीम ﷺ को तसल्ली देने और काफ़िरों के दावों (claims) को खारिज करने के लिए नाज़िल हुई। जब नबी ﷺ के बेटे हज़रत क़ासिम (मक्का में) और हज़रत इब्राहीम (मदीना में) का इंतक़ाल (demise) हुआ, तो काफ़िर, जैसे आस बिन वाइल, ने मज़ाक करते हुए कहा कि आप (नबी ﷺ) निस्संतान (childless) हो गए हैं और आपका नाम और मज़हब (religion) आपके बाद खत्म हो जाएगा। इन बयानों (statements) का जवाब देने और नबी ﷺ को दिलासा (comfort) देने के लिए अल्लाह ने यह मुबारक सूरह नाज़िल की। (संदर्भ: तफ्सीर रूहुल बयान)

"कौसर" का मतलब और इसका महत्व
(Meaning of "Kauthar" and Its Significance)

"कौसर" का अर्थ:
(Meaning of "Kauthar")
"कौसर" का मतलब है बेशुमार नेमतें (abundance) जो आम समझ से परे हैं।

यह हौज़-ए-कौसर (Fountain of Kauthar) की तरफ इशारा कर सकता है, जिसका वर्णन इस प्रकार है:

  • इसकी चौड़ाई (expanse) एक महीने की यात्रा के बराबर है।
  • यह यक़ूत और मोती (rubies and pearls) पर बहता है।
  • इसके किनारे गिनती से बाहर मोती के तंबुओं (countless pearl tents) और हरे-भरे पेड़ों की कतारों (rows of lush green trees) से सजे हुए हैं।
  • इसके किनारों पर प्याले (goblets) हैं, जो सितारों (stars) की तरह असंख्य हैं।
  • इसका एक प्रवाह (tributary) जन्नत के रहने वालों के घरों (homes of Paradise inhabitants) में जाता है और दूसरा मैदाने-हश्र (Field of Accountability) में होगा, जो मुनाफ़िकों (apostates) के लिए बंद होगा।

"कौसर" के अन्य अर्थ:
(Other Interpretations of "Kauthar")

  • नबी ﷺ के वंशजों (descendants) या उम्मत (followers) की बेशुमार तादाद (immense number) जो आज दुनिया भर में फैली है।
  • नबी ﷺ का इल्म और नेक आमाल (knowledge and virtuous deeds)।
  • नबी ﷺ की अनगिनत खूबियां और विशेषताएं (countless attributes and virtues)।
  • क़यामत के दिन नबी ﷺ को दी गई शफाअत-ए-कुबरा (Major Intercession)।
  • नबी ﷺ को दी गई दुनिया और आखिरत की बेशुमार नेमतें (worldly and heavenly blessings)।
    (संदर्भ: तफ्सीर अज़ीज़ी, बुखारी शरीफ)

गौर करने योग्य बातें:
(Points to Reflect Upon)

  • सूरह की शुरुआत "إِنَّا" (Inna, यानी "बेशक") से होती है, जो अल्लाह के वादे की यकीनदहानी (certainty) दिलाने के लिए है, खासतौर पर उन काफ़िरों को जवाब देने के लिए जो नबी ﷺ की नेमतों (blessings) को झुठलाते थे।
  • यह दावा कि नबी ﷺ के पास कुछ भी नहीं है, बिल्कुल गलत है। अल्लाह ने उन्हें सब कुछ दिया है और नबी ﷺ अल्लाह की नेमतों के तक़सीम करने वाले (distributor) हैं।
  • नबी ﷺ को दी गई नेमतों को कोई छीन नहीं सकता, जैसे सूरज की रोशनी को कोई खत्म नहीं कर सकता।
  • नबी ﷺ पूरी दुनिया के मालिक (master of the world) हैं, और दुनिया उनके पास मौजूद नेमतों का सिर्फ एक छोटा हिस्सा है। अल्लाह ने उन्हें जो दिया है, वह दुनिया के पैमानों से कहीं ज्यादा है।

सभी आयतें

Sign up for Newsletter

×

📱 Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now