فَمَا يُكَذِّبُكَ بَعۡدُ بِٱلدِّينِ

Surah Ayat 7 Tafsir


आयत: "फिर अब तुम्हें किस चीज़ ने न्याय के दिन का इंकार करने पर मजबूर किया?" (What Then Now Causes You to Deny the Judgement)

9: क़ियामत के दिन का इंकार करना (Rejecting the Day of Judgement)

क़ियामत के दिन का इंकार (Denial of the Day of Judgement): यह आयत काफ़िरों से कहती है कि वे उस दिन के बारे में कैसे इंकार कर सकते हैं, जब उन्होंने जीवन के चक्र—जन्म, मृत्यु और पुनरुत्थान—को देखा है। वही अल्लाह, जिसने उन्हें कुछ भी न होने से अस्तित्व में लाया, वही उन्हें क़ियामत के दिन पुनर्जीवित करने में सक्षम है। यह आयत उन्हें याद दिलाती है कि उनका अस्तित्व में आना एक स्पष्ट प्रमाण है कि अल्लाह के पास उन्हें पुनः जीवित करने और उनके कर्मों का हिसाब लेने की शक्ति है।

ईश्वरीय प्रमाण और विश्वास (Divine Proofs and Belief): आयत यह भी संकेत देती है कि जब पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने इतने सारे ईश्वरीय प्रमाण और चमत्कारी निशानियाँ दिखाई, तो फिर भी कुछ लोग उनके संदेश को नकारते हैं। यह सवाल काफ़िरों से पूछा जाता है कि इन प्रमाणों को देखने के बाद भी वे इस्लाम के सत्य को कैसे नकार सकते हैं? यह उनके इंकार को सीधा चुनौती देती है, जबकि उन्हें स्पष्ट प्रमाण दिए गए हैं।

ईश्वरीय प्रमाणों पर ध्यान करना एक इबादत है (Reflecting on Divine Proofs as an Act of Worship): ईश्वरीय संकेतों और प्रमाणों पर विचार करना एक प्रकार की इबादत मानी जाती है। काफ़िरों ने इस्लामिक विश्वासों को नकारते हुए पैगंबर की सत्यता को दैहिक मामलों में स्वीकार किया था, लेकिन ईमान और विश्वास के संदर्भ में उनके संदेश को नकार दिया। यह इस बात को दर्शाता है कि ईश्वरीय सत्य और चमत्कारों पर ध्यान करना, जो इबादत और विश्वास का एक आवश्यक हिस्सा है, कितना महत्वपूर्ण है।

धर्म को पहचानने का महत्व (Importance of Recognizing the Religion): यह आयत पैगंबर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) को याद दिलाती है कि जो प्रमाण उन्होंने दिखाए हैं, वे अपार हैं, और यह उन लोगों को चुनौती देती है जिन्होंने इन प्रमाणों को देखकर भी ईमान न लाने का चयन किया। संदेश स्पष्ट है: ईश्वरीय सत्य और चमत्कारों को पहचानना और उन पर विचार करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि क़ियामत के दिन का इंकार, सृष्टि और पुनरुत्थान की वास्तविकता को नकारने जैसा है।

सभी आयतें

Sign up for Newsletter

×

📱 Download Our Quran App

For a faster and smoother experience,
install our mobile app now.

Download Now