204. "और कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनकी बातें तुम्हें दुनिया की ज़िंदगी के बारे में भली लगती हैं [477], और वह अपने दिल की बातों पर अल्लाह को गवाह बनाता है [478], हालाँकि वह सबसे ज़्यादा झगड़ालू है।" [479]
नतीजा (सबक़):
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ईमान सिर्फ जुबान से नहीं, बल्कि दिल से और अमल से होता है। जो लोग मीठी बातें कर के, अल्लाह का नाम ले कर, लोगों को धोखा देते हैं — वे अल्लाह के नज़दीक सबसे ख़राब हैं।
👉 "हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती" — लोगों को उनके अमल से पहचानो, बातों से नहीं।
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सूरह अल-बक़रा आयत 204 तफ़सीर